चुनाव मंथन 2019 : बिहार में महागठबंधन की सीटों का अंक गणित!

नई दिल्ली :हाल के विधानसभा चुनावों में तीन राज्यों में मिली जीत के बाद कांग्रेस आत्मविश्वास से लबरेज दिख रही है। राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी को मिली ये बड़ी जीत है। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भी कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को राहुल गांधी बिहार में महागठबंधन के साथ बैठक करने जा रहे हैं। महागठबंधन की ये बैठक सीटों के बंटवारे के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आइये जानते हैं कि इस बैठक में किसे कितनी सीटें मिलने के आसार बन रहे हैं।

बिहार में सीट बंटवारे का ये हो सकता है फार्मूला
बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं। एनडीए से हाल में अलग हुए उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा को इनमें से 4-5 सीटें मिल सकती हैं, हालांकि वह छह-सात सीटों की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस को 8-12 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। बिहार में राजद को सबसे ज्यादा 18-20 सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा है। इसके अलावा जीतन राम मांझी और शरद यादव की पार्टी को भी 1-2 सीटें मिल सकती हैं। तेजस्वी यादव के अनुसार बैठक के बाद शाम तक सीटों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

लोजपा ने भाजपा से मांगी सात सीटें
लोकसभा चुनाव-2018 में सीटों के बंटवारे में हो रही देरी पर एनडीए में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की नाराजगी बढ़ रही है। पार्टी ने भाजपा से लोकसभा चुनाव के लिए 31 दिसंबर तक सात सीटें देने की मांग रखी है। लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान के बेटे चिराग ने हाल में ट्वीट किया था कि अगर समय रहते बात नहीं बनी तो नुकसान हो सकता है। इतना ही नहीं उन्होंने हाल में राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा था कि उनमें सकारात्मक बदलाव आए हैं। उन्होंने अच्छे मुद्दों का चयन किया और हम (एनडीए) मंदिर और धर्म में उलझे रहे। उनके इस बयान को महागठबंधन की तरफ पार्टी के झुकाव के तौर पर देखा जा रहा है।

मालूम हो कि बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से भाजपा और जदयू में आधी-आधी सीटों पर सहमति बनी है। इस पर भी लोजपा आपत्ति जता चुकी है। पार्टी नेता पशुपति ने कहा है कि भाजपा-जदयू ने आधी-आधी सीटों पर समझौता कर लिया और लोजपा को पूछा तक नहीं। अगर आप (भाजपा) हमसें बात नहीं करेंगे तो हम पीछे-पीछे क्यों दौड़ेंगे?

सात राज्यों की 255 सीटों पर महागठबंधन का खाका
लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को शिकस्त देने के लिए महगठबंधन की कोशिशें जोरशोर से चल रही हैं। सात राज्यों की 255 सीटों पर चुनाव पूर्व महगठबंधन का खाका लगभग तैयार हो चुका है। हर राज्य की जरूरत के मुताबिक सीटों के बंटवारे का फार्मूला भी अलग-अलग बनाया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड, तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर राज्य शामिल हैं। इन राज्यों में लोकसभा की कुल संख्या के आधे से कुछ सीटें ही कम हैं।

वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इन राज्यों में लगभग 150 सीटों पर जीत हासिल की थी। तमिलनाडु में भाजपा को केवल एक ही सीट मिली थी। शेष 39 सीटों में से 37 सीट AIADMK को मिली थी, जो भाजपा की सहयोगी है। सूत्रों के अनुसार महागठबंधन, लोकसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद इन राज्यों में सीटों की घोषणा करेगा।

वर्ष 2004 के फार्मूले पर यूपीए
बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव-2019 के लिए यूपीए अपने वर्ष 2004 के फार्मूले पर काम कर रही है। मालूम हो कि वर्ष 2004 में भी भाजपा को हराने के लिए यूपीए ने महागठबंधन बनाया था। उस वक्त भी महागठबंधन ने किसी प्रधानमंत्री उम्मीदवार की घोषणा नहीं की थी। यही फार्मूला इस बार भी लागू होगा। महागठबंधन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पीएम कौन बनेगा, इसका फैसला चुनाव परिणाणों के बाद गठबंधन के सभी सदस्य मिलकर करेंगे। फिलहाल हमारी प्राथमिकता चुनाव से पहले ज्यादा से ज्यादा राज्यों में महागठबंधन बनाने पर है। कुछ राज्यों में चुनाव बाद भी गठबंधन बनाया जा सकता है।

क्या टूट रहा एनडीए का कुनबा…?
एक तरफ लोकसभा चुनाव 2019 के लिए महागठबंधन की सुगबुगाहट चल रही है, दूसरी तरफ एनडीए का कुनबा लगातार बिखरता प्रतीत हो रहा है। बिहार में उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और जीतन राम मांझी की पार्टी, एनडीए से अलग हो चुकी है। बिहार में सीट बंटवारे को लेकर लोजपा भी असंतुष्ट है और वक्त-वक्त पर महागठबंधन की तरफ झुकाव दिखा रही है। कश्मीर में पीडीपी भी भाजपा का साथ छोड़ चुकी है। महराष्ट्र में शिवसेना भी भाजपा पर लगातार दबाव बनाती रहती है। ऐसे में भाजपा के लिए एनडीए के भरोसे लोकसभा चुनाव 2019 में महागठबंधन से मुकाबला करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

ये होगा महागठबंधन में सीट बंटवारे का फार्मूला

  • उत्तर प्रदेश- यूपी में महागठबंधन के सबसे बड़े हिस्सेदार सपा व बसपा होंगे। यहां आरएलडी को भी कुछ सीटें दी जा सकती हैं।
  • मध्य प्रदेश- यहां भी सीटों का बंटवारा मुख्य रूप से कांग्रेस, सपा और बसपा के बीच होगा।
  • बिहार- यहां आरजेडी, कांग्रेस, एनसीपी, शरद यादव का लोकतांत्रिक जनता दल और जीतन राम मांझी की पार्टी के बीच मुख्य रूप से सीटों का बंटवारा होना है।
  • महाराष्ट्र- यहां कांग्रेस के साथ एनसीपी, आरपीआइ, राजू शेट्टी की स्वाभिमानी पार्टी, बहुजन विकास आघाड़ी, सीपीएम, एसपी और आरपीआइ महागठबंधन का प्रमुख हिस्सा होंगे।
  • झारखंड- यहां जेएमएम, कांग्रेस, आरजेडी और मरांडी की पार्टी महागठबंधन में शामिल हो सकती है।
  • कर्नाटक- यहां कांग्रेस के साथ जेडीएस और बीएसपी शामिल हो सकती है।
  • तमिलनाडु- यहां कांग्रेस और डीएमके महागठबंधन का प्रमुख हिस्सा होंगे। इसके अलावा कमल हासन जैसे अन्य नेताओं की छोटी पार्टियों को भी शामिल करने पर चर्चा चल रही है।
  • कश्मीर- यहां कांग्रेस व नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच गठबंधन की संभावना है। पीडीपी सरकार गिरने के बाद संभावनाएं और बेहतर हो गई हैं।
  • पश्चिम बंगाल- यहां पर अभी कांग्रेस और ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के बीच गठबंधन को लेकर असमंजस है।

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