भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी पधारे परमार्थ निकेतन शिविर प्रयागराज


महामहिम श्री रामनाथ कोविंद जी ने ’’गांधीवाद पुनरूत्थान शिखर सम्मेलन’’ का किया उद्घाटन

तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन का उद्घाटन महामहिम श्री रामनाथ कोविंद जी, श्रीमती सविता कोविंद जी, उत्तरप्रदेश के राज्यपाल श्री राम नायक जी, मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ जी, परमाध्यक्ष परमार्थ निकेतन, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, आचार्य महामण्डलेश्वर जूना अखाड़ा स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, महंत नरेन्द्र गिरि जी महाराज, अध्यक्ष हरिजन सेवक संघ श्री शंकर सान्याल जी, जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी और अन्य विशिष्ट अतिथियांे ने किया

युवा प्रशिक्षण सत्र, श्रेष्ठ भारत के निर्माण में युवाओे का योगदान, गांधी जी के विचारों के साथ-साथ युवा नेचर एंड केयर हेतु यूनिसेफ, जीवा और वाटर सप्लाय एंड सेनिटेशन सहयोगात्मक परिषद द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है

कुम्भ, आस्था का चुम्बक – श्री रामनाथ कोविंद
स्लम प्वांइट को सेल्फी प्वाइंट बनायें-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
स्वच्छ भारत मिशन ने लोगों के जीवन में व्यापक स्तर पर परिवर्तन लाने का कार्य किया-योगी आदित्यनाथ

प्रयागराज/ ऋषिकेश, 17 जनवरी। परमार्थ निकेतन शिविर, प्रयागराज में भारत के राष्ट्रपति महामहिम श्री रामनाथ कोविंद जी पधारे उन्होने ’’गांधीवाद पुनरूत्थान शिखर सम्मेलन’’ का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया इस अवसर पर श्रीमती सविता कोविंद जी, उत्तरप्रदेश के राज्यपाल श्री राम नायक जी, मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ जी, परमाध्यक्ष परमार्थ निकेतन, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, आचार्य महामण्डलेश्वर जूना अखाड़ा स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि जी महाराज, अध्यक्ष हरिजन सेवक संघ श्री शंकर सान्याल जी, जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी और अन्य विशिष्ट अतिथियांे ने सहभाग किया।
 इस पावन अवसर पर कुमारी स्वाती जी, नगर विकास मंत्री उत्तरप्रदेश सरकार श्री सुरेश खन्ना जी, स्वास्थ्य मंत्री उत्तरप्रदेश सरकार श्री सिद्धार्थ सिंह जी, पर्यटन मंत्री उत्तरप्रदेश सरकार श्रीमती रीता जोशी बहुगुणा जी, उड्डयन मंत्री उत्तरप्रदेश सरकार श्री नन्दगोपाल नंदी जी, मेयर प्रयागराज अभिलाषा गुप्ता जी, जस्टिस श्री अरूण टण्डन जी, जस्टिस श्री गिरधर मालवीय जी एवं अनेक विशिष्ट अतिथियांे ने सहभाग किया।
 ’’गांधीवाद पुनरूत्थान शिखर सम्मेलन’’ का शुभारम्भ एवं समापन राष्ट्र गान से हुआ। तत्पश्चात माननीय श्रीमती सविता कोविंद जी के कर कमलों से नारी शक्ति निषादराज समुदाय का सम्मान और सत्कार हुआ तथा उन्हें भेंट स्वरूप 50 महिलाओं को साड़ियाँ प्रदान की गयी।
 परमार्थ निकेतन शिविर में लगायी गयी ’महात्मा गांधी जी एवं कस्तुरबा गांधी जी’ के चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। स्वामी जी महाराज ने कहा कि श्रेष्ठ चित्रों से ही चरित्र का निर्माण होता है। साथ ही प्रयागराज कुम्भ मेला को प्लास्टिक मुक्त कुम्भ बनाये रखने हेतु तथा शुद्ध जल निरन्तर मिलता रहे इसलिये ’’परमार्थ पीलो मशीन’’ लगायी गयी जिसका विशिष्ट अतिथियो ने अवलोकन किया। साथ ही साबरमती आश्रम, अहमदाबाद एवं सफाई विद्यालय के तकनीकी सहयोग से परमार्थ निकेतन, जीवा ने ’’टायलेट कैफे’’ का निर्माण कराया है उसका भी अवलोकन किया गया।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि ’’गांधीवाद पुनरूत्थान शिखर सम्मेलन’’ का आयोजन महात्मा गांधी जी की 150 वीं जन्म जयंती के अवसर पर देश में एकता, सद्भाव, समरसता, शान्ति, भाईचारा और स्वच्छता का संदेश देश के सभी व्यक्तियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है ताकि देश के प्रत्येक स्लम प्वाइंट को सेल्फी प्वाइंट बनाया जा सके।
 महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी ने अपने संदेश में कहा, ’’यह मेरा सौभाग्य है कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डाॅ राजेन्द्र प्रसाद जी के बाद मुझे मोक्षदायनी गंगा के पावन तट पर कुम्भ मेले में आने का अवसर प्राप्त हुआ। यह एक सुखद संयोग है कि कुम्भ के आयोजन के साथ हम महात्मा गांधी जी की 150 वीं जन्म जयंती मना रहे है। कुम्भ की कल्पना मिलन की है। यह एक बहुत बड़े पैमाने पर लोगों के मिलन का महोत्सव है। कुम्भ, आस्था का चुम्बक है जो लोगों को खींच लाता। कुम्भ एक अनूठा आयोजन है और विश्व के लिये आकर्षण का केन्द्र है। उन्होने कहा कि कुम्भ में जन समुदाय ही नहीं बल्कि करोड़ोें की संख्या में साइबेरियन पक्षी भी आते है कहीं न कहीं यह हमारा और उनका एक प्रगाढ़ सम्बंध है।
  मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपना संदेश में कहा कि ’’प्रयागराज कुम्भ में राष्ट्रपति महोदय का आगमन हम सभी को प्रसन्नता प्रदान कर रहा है। कुम्भ के अवसर पर गांधी दर्शन शिखर सम्मेलन के आयोजन हेतु स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का अभिनन्दन करते हुये कहा कि 2 अक्टूबर 2018 से 2 अक्टूबर 2020 तक गांधी जी की 150 वीं जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय स्तर पर और प्रदेश स्तर पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कुम्भ गांधी जी की 150 वीं जयंती के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होने कहा कि कुम्भ में पहली बार 1 लाख 22 हजार 500 इकोफ्रेंडली टाॅयलेट बनाकर हमने गांधी जी के स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने में योगदान प्रदान किया है। स्वच्छ भारत मिशन ने लोगों के जीवन में व्यापक स्तर पर परिवर्तन लाने का कार्य किया है। गांधी जी को इससे बड़ी श्रद्धाजंलि दूसरी नहीं हो सकती जब हम उनके दर्शन को व्यवहारिक रूप में जमीन पर उतार दें। मुख्यमंत्री जी ने बताया कि हम जल को परिशोधित करके ही गंगा जी में डाल रहे है। आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब संगम के पर्याप्त जल स्तर है।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने भावपूर्ण शब्दों में कहा, ’’आज एक ऐतिहासिक अवसर है, 1953 मंे भारत के राष्ट्रपति महामहिम डाॅ राजेन्द्र प्रसाद जी आये थे और आज वही ऐतिहासिक अवसर है जब हमारे महामहिम हमारे बीच है आज संगम के तट पर संगम चल कर आया है। संगम के तट से संगम का संदेश पूरे विश्व में प्रसारित होे, संगम के तट से स्वच्छता, समरसता और सद्भाव का संदेश जाये; संगम के तट से ’’मानव-मानव एक समान, सब के भीतर है भगवान’’, साथ रहे है, साथ रहेंगे, संगम का संदेश प्रसारित हो। यह सच्चा कुम्भ मन्थन है। यह अमृत ही हमारे प्यारे भारत को सफलता और समृद्धि के शिखर पर ले जायेगा। महामहिम जी ने कुम्भ से दिशा और कुम्भ को दिशा प्रदान की है और इसकी प्रेरणा हमें प्रदान की है। स्वामी जी महाराज ने स्वच्छता ही हम सभी के जीवन का अंग बने का संदेश प्रदान किया। 
 साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा, ’’महामहिम राष्ट्रपति जी स्वयं कल्चर, नेचर और फ्यूचर का एक अद्भुत संगम है। वे अपनी संस्कृति और संस्कारों के प्रति सजग और सहज है उनका यहां परिवार के साथ पधारना उनकी आध्यात्मिक जीवन शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।
 प्रोफेसर शंकर सान्याल जी ने ’’महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी और सभी का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि कुम्भ के आध्यात्मिक आयोजन में महात्मा गांधी जी के विचारों को लाने के लिये स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का बहुत आभारी हूँ। महात्मा गांधी जी प्रेम, अहिंसा और स्वच्छता के प्रतीक है उन्होने भारत वर्ष ही नहीं पूरे विश्व में स्वच्छता का संदेश दिया। 
  तकनीक विशेषज्ञ वाटर सप्लाय एंड सेनिटेशन सहयोगात्मक परिषद के श्री विनोद मिश्रा, श्री रवि भटनागर डायरेक्टर आॅफ एक्सटर्नल अफेयर्स आरÛ बीÛ, यूनिसेफ से शालिनी प्रसाद, स्वाती, पवित्रा, रंगन, अमृता, पी के बाजपेयी, निसार अहमद, वर्षा चन्दा, पीलो पानी शुद्ध फाउण्डेशन के श्री जतिन, श्री कुवंर शेखर विजेन्द्र, चांसलर शोभित विश्वविद्यालय, सुश्री कुसुम जौहरी प्रेसिंडेट हरिजन सेवक संघ उत्तरप्रदेश, सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी प्रोग्राम डायरेक्टर, इम्पलीटेशन जीवा, परमार्थ निकेतन, स्वामिनी आदित्यनन्दा डायरेक्टर प्रोजेक्ट, पार्टनरशिप, जीवा, श्री पी मारूती प्रेसिडेंट हरिजन सेवक संघ तमिलनाडु, श्री संदीप मांझी, उपाध्यक्ष हरिजन सेवक संघ उत्तरप्रदेश, श्री रूपेश कुमार, श्री आर्यी भट्ट मोहन्त जी, सेक्रेटरी हरिजन सेवक संघ, उडिसा, श्री देवेन्द्र भाई गुजरात, श्री डेनियल शास्त्री, असम, श्री सत्यप्रकाश कुमार, बिहार, श्री रमेशचन्द्र पटेल, श्री सूर्यनाथ प्रजापति, श्री नविन सिंह, श्री संजय सिंह, डाॅ सुमित पटेल, एवं अन्य तकनीक विशेषज्ञों ने सहभाग किया।  
’’गांधीवाद पुनरूत्थान शिखर सम्मेलन’’ में भारत के विभिन्न प्रांतों यथा कर्नाटक, आन्धप्रदेश, दिल्ली, गोवा, उत्तराखण्ड, राजस्थान, बैंगलोर, हैदराबाद, दार्जीलिंग, लेह, पंजाब, पुदुचेरी, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, उड़िसा, तमिलनाडु,  छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखण्ड, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश एवं विश्व के विभिन्न देश यथा अमेरीका, ब्राजील, मलेशिया, साइबेरिया, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मैक्सिको, अर्जेन्टीना एवं अन्य देशों के कार्यक्रम निर्माताओं ने सहभाग किया। इस आयोजन में भारत के लगभग 17 राज्यों से 350 से अधिक हरिजन सेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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