संगम के दर्शन कर अभिभूत हुए राष्ट्रपति कोविंद

राष्ट्रपति ने कहा, ‘यह मेरा सौभाग्य है कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डाक्टर राजेंद्र प्रसाद के बाद मुझे कुंभ मेले में मोक्षदायनी गंगा के पावन तट पर आने का अवसर प्राप्त हुआ.’ 

प्रयागराज : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरुवार को पतितपावनी गंगा, श्यामल यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम को देख अभिभूत हो गए। कुंभ का वैभव देखने आए देश के प्रथम नागरिक  क्रूज से संगम पहुँचे। उनके साथ उनकी पत्नी सविता कोविंद भी हैं। 

राष्ट्रपति ने आधा घंटा तक गंगा और यमुना में सैर की। कोविंद कुंभ आने वाले वह देश के दूसरे राष्ट्रपति हैं। उनके पहले देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद वर्ष 1953 में कुंभ मेला आए थे और संगम में पुण्य की डुबकी लगाई थी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज कुंभ मेला क्षेत्र में हैं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पिछले साल माघ मेले में भी परिवार के साथ आए थे। 

कुंभ मेले का आनंद उठाने के लिए गुरुवार को यहां आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कुंभ आस्था का चुम्बक है जो लोगों को अपनी ओर खींच लाता है. अरैल घाट पर तीन दिवसीय ‘गांधीवाद पुनरूत्थान शिखर सम्मेलन’ का उद्घाटन करने के बाद राष्ट्रपति ने कहा, ‘यह मेरा सौभाग्य है कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डाक्टर राजेंद्र प्रसाद के बाद मुझे कुंभ मेले में मोक्षदायनी गंगा के पावन तट पर आने का अवसर प्राप्त हुआ.’ 

राष्ट्रपति ने कहा कि यह एक सुखद संयोग है कि कुम्भ के आयोजन के साथ हम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मना रहे हैं. कुम्भ एक बहुत बड़े पैमाने पर लोगों के मिलन का महोत्सव है. कुम्भ एक अनूठा आयोजन है और विश्व के लिये आकर्षण का केन्द्र है.

राष्ट्रपति सुबह 9.35 बजे वायुसेना के विशेष वायुयान से बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे, जहां राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्प गुच्छ भेंटकर महामहिम का स्वागत किया। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, पर्यटन मंत्री डा. रीता बहुगुणा जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्त नंदी और महापौर अभिलाषा गुप्ता भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहीं। वहां से महामहिम तीन हेलीकाप्टर से कुंभ मेला के डीपीएस ग्राउंड अरैल स्थित  हेलीपोर्ट पहुंचे। फिर कार से वह क़िला के पास वीआइपी घाट पहुंचे। वहां से क्रूज से वह संगम तक गए। 

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