वट्स ऐप नहीं कर रहा भारत छोड़ने की प्लानिंग

नई दिल्ली :वट्स ऐप के भारत से चले जाने की खबरें पढ़कर अगर आप निराश हो गए हैं तो आपको बता दें की फिलहाल ऐसा कुछ नहीं होने जा रहा है। हालांकि, सरकार की मांगों को लेकर वट्स ऐप थोड़ा चिंतित जरूर है। फिलहाल के लिए वट्स ऐप भारत से नहीं जा रहा है। हालांकि, अगर यही परिस्थिति आगे भी रही तो हो सकता है की वट्स ऐप भारत छोड़ने का फैसला ले। लेकिन ऐसा करना कंपनी के लिए बहुत बड़ा कदम होगा और कंपनी को इसके नुकसान से भी गुजरना होगा।

वट्स ऐप के हेड ऑफ कम्युनिकेशन्सकार्ल वूग ने बयान दिया है कि ” भारत सरकार की एन्ड-टू-एन्ड एन्क्रिप्शन की मांग दुनिया में वट्स ऐप का इस्तेमाल कर रहे यूजर्स के हित में नहीं है। इससे यूजर्स की निजता भंग होगी। इसी के साथ इस तरह के नियम को लाने के लिए कंपनी को पूरे प्रोडक्ट का दोबारा निर्माण करना होगा। इसके बारे में बात करने के लिए प्रक्रिया जारी है। ”

इस बयान का यह मतलब तो नहीं की वट्स ऐप भारत से जाने वाला है। लेकिन वट्स ऐप और भारत सरकार के बीच सम्बन्ध कुछ खास अच्छे नहीं रहे हैं। इसी के साथ आपको बता दें कि वट्स ऐप का पूरा मॉडल एन्ड-टू-एन्ड एन्क्रिप्शन पर ही आधारित है। यह हटा देने से भारत में वट्स ऐप की लोकप्रियता बरकरार रहेगी, यह कहना थोड़ा कठिन है। वट्स ऐप के भारत में 200 मिलियन यूजर हैं, इसलिए इतना बड़ा बाजार छोड़ना भी कंपनी के लिए हितकर नहीं होगा। वट्स ऐप और सरकार के बीच की परेशानी का कारण इस ऐप पर तेजी से फैल रही फेक न्यूज है जिसे वट्स ऐप के प्राइवेसी मॉडल के साथ रोकना सरकार के लिए मुश्किल हो रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि वट्स ऐपअपने यूजर्स की जानकारी पब्लिक या शेयर नहीं करता है।

सरकार का कहना है कि वो यूजर्स के मैसेज नहीं पढ़ना चाहती लेकिन एक ऐसा फीचर चाहती है जिससे लॉ एजेंसीज वट्स ऐप मैसेज के असल सेंडर तक पहुंच सके या उसे ट्रेस कर सके। लेकिन वट्स ऐप का कहना है की इससे एन्ड-टू-एन्ड डिस्क्रिप्शन पर असर पड़ेगा। अब देखना यह है कि वट्स ऐप और भारत सरकार की यह तकरार किस नतीजे पर पहुंचती है।

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