-पी के तिवारी

छत्त्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में धुँवाधार बल्लेबाज़ी करने वाले भूपेश बघेल वर्तमान लोकसभा की प्रीमियर लीग में 11 लोकसभा सीटों में कितनी सीट जीतेंगे ये तो चुनाव परिणाम ही बताएँगे लेकिन जिस तरह से कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है उससे इस चुनाव में जंगी मुकाबला होने के ज्यादातर सम्भावना दिखाई दे रहे है ! ।

जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी पुराने सांसदों को टिकट ना देकर नए प्रत्याशियों को चुनाव में उतारा है उससे निश्चित रूप से चुनावी समीकरण बदल सकते है , लेकिन जनता का मूड क्या कहता है ये बड़ी बात है क्योंकि कांग्रेस के पास खोने को कुछ भी नही है वहीं भारतीय जनता पार्टी को जीत के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है क्योकि विधानसभा चुनाव में हार के बाद डॉ रमन सिंह की नेतृत्व वाली पार्टी का हाई कमान में तो किरकिरी हुई है साथ ही उन पर और उनके परिवार के सदस्य पर भ्रष्टाचार की जाँच की तलवार भी लटकी हुई है, जिसके चलते उनका कद संगठन में घट गया है ।

ऐसे समय में छत्तीसगढ़ की भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के कद्दावर नेता बृजमोहन अग्रवाल को पुरे लोकसभा चुनाव की जिम्मेदारी देती तो शायद भविष्य में आने वाले चुनाव परिणाम का नजारा कुछ और ही हो सकता था लेकिन इसे विडम्बना ही कहा जायेगा की ना उन्हें संगठन में प्रदेश की कमान दी गई ना नेता प्रतिपक्ष बनाया गया और ना ही लोकसभा का टिकट दिया गया बृजमोहन अग्रवाल को जब भी कोई बड़ी जिम्मेदारी दी गई उसे चुनौती मानकर उन्होंने उसमे भा ज पा का परचम लहराकर बताया है

लेकिन इसे डॉ रमन सिंह की हठ नीति कह सकते हैं जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी गर्त में जाती जा रही है और इसका फायदा निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी को होने वाला है इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती क्योकि डॉ रमन सिंह अपने सुपुत्र अभिषेक सिंह को भी टिकट नहीं दिलवा सके इससे बेहतर समझा जा सकता है की उनकी पार्टी में क्या स्थिति है !

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर लोकसभा से महापौर प्रमोद दुबे और पूर्व महापौर सुनील सोनी के बीच मुकाबला होगा जो निश्चित रूप से रोमांचक होगा क्योकि सुनील सोनी बृजमोहन अग्रवाल के पुराने साथी है और चुनाव लड़ाने में और संचालन में माहिर है प्रमोद दुबे को चुनौती भारी पड़ने वाली है, क्योकि कांग्रेस का बहुत बड़ा वर्ग वर्तमान महापौर से नाराज भी लग रहे है उन्हें मेहनत करनी होगी ।

महासमुन्द लोकसभा से अभनपुर के कांग्रेस विधायक धनेंद्र साहू और भारतीय जनता पार्टी से चुन्नी लाल साहू है दोनों साहू है लेकिन इस चुनाव को प्रभावित करेगा कुर्मी समाज का वोट और निश्चित रूप से कुर्मी समाज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को साथ देगा इस हिसाब से महासमुंद लोकसभा में कांग्रेस की स्थिति मज़बूत है

इस बार दुर्ग लोकसभा से विजय बघेल पूर्व संसदीय सचिव और प्रतिमा चन्द्राकर दोनों ही कुर्मी समाज से है विजय बघेल मिलनसार है वही प्रतिमा चन्द्राकर पूर्व विधायक और दुर्ग की राजनीति के चाणक्य वासुदेव चन्द्राकर की सुपुत्री है अब देखना ये है की जनता को कौन कितना रिझा पाता है यहाँ स्थिति स्पष्ट नहीं है और ये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गृह क्षेत्र और चुनाव क्षेत्र भी है और साहू समाज यहाँ भी निर्णायक होंगे बशर्ते की स्थानीय मन्त्री ताम्रध्वज साहू जोकि साहू समाज से है और एक कद्दावर मन्त्री रविन्द्र चौबे इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को जीतने के लिए कितना लाभ पहुंचाने वाले है ये तो चुनाव परिणाम ही बताएगा क्योकि ये दोनों मन्त्री अपना राजनीतिक वर्चस्व बनाये रखने के लिए कभी अपने सामने किसी को भी मज़बूत नहीं होने देते ये दुर्ग जिले के कार्यकर्ताओ और नेताओ का विश्लेषण है |

पूर्व मुख्यमन्त्री डॉ रमन सिंह का चुनाव क्षेत्र राजनांदगाव लोकसभा सीट से कांग्रेस से भोलाराम साहू और भारतीय जनता पार्टी से संतोष पांडेय प्रत्याशी बनाये गए है अब ये लोकसभा सीट डॉ रमन सिंह के लिए प्रतिष्ठा की सीट नहीं रह गई है क्योकि उनके सुपुत्र अभिषेक सिंह यहाँ से चुनाव नहीं लड़ने वाले है वही कांग्रेस ने राजनांदगाव लोकसभा चुनाव के संचालन का प्रभार कद्दावर मंत्री मोहम्मद अकबर को सौपी है जो कांग्रेस के लिए फायदेमंद हो सकता है

बस्तर से बैदूराम कश्यप भाजपा से और कांग्रेस से दीपक बैज में टक्कर होने वाली है ,कांकेर से मोहन मंडावी भाजपा और कांग्रेस से बीरेश ठाकुर चुनाव मैदान में है | बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा से अरुण साव और कांग्रेस से अटल श्रीवास्तव चुनाव लड़ेंगे वही वही छत्तीसगढ़ की बहुचर्चित लोकसभा सीट कोरबा से भारतीय जनता पार्टी से ज्योतिनंद दुबे और कांग्रेस से छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष और इस सीट के परम्परागत प्रत्याशी चरण दास महंत की धर्म पत्नी श्रीमती ज्योत्सना महंत चुनाव लड़ रही है जो भाजपा प्रत्याशी पर भारी पड़ने वाली है रायगढ़ लोकसभा से कांग्रेस से लालजीत राठिया और भाजपा से गोमती साय सरगुजा से रेणुका सिंह भाजपा से कांग्रेस से खेलसाय सिंह और जांजगीर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा से गुहा राम अजगल्ले कांग्रेस से रविदास भरद्वाज चुनाव समर में है निश्चित रूप से इस लोकसभा का चुनावी IPL रोमांचक होने वाला है जहाँ दो ही टीम खेल रही है कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ।

छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा की राह आसान नहीं रह गई है। पिछले लोकसभा चुनाव में राज्य की 11 सीटों में से 10 सीटों पर विजय प्राप्त करने वाली भाजपा के सामने सबसे बड़ी समस्या रूठे हुए कार्यकर्ताओं को मनाने एवं हाल ही में संपन्न हुई विधान सभा चुनाव के लाखों वोटों का गड्ढा पाटने की है। विधानसभा चुनाव में 15 साल के बाद 90 सीटों में से मात्र 15 सीटों पर ही भाजपा को विजय मिली है।

लोकसभा के फाइनल मुकाबले में अब जबकि सारी सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है, दोनों ही पार्टियों के धुरंधर आंकड़ों के गणित में उलझे हुए हैं। कांग्रेस के सामने जहां विधानसभा चुनाव में मिली बढ़त को बरकरार रखने की चुनौती है वहीं भाजपा के सामने मतों के लंबे अंतर को पाटने की समस्या है।

सरगुजा- वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में यहां कांग्रेस 1 लाख 8 हजार326 वोट से आगे थी। लेकिन इसके बाद जब लोकसभा चुनाव हुए तो मोदी लहर में सरगुजा संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी कमलभान1 लाख 47हजार 236 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीते।इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरगुजा से कुल मिलाकर 1लाख 97 हजार 958 मतों के भारी अंतर से भाजपा से आगे हैं।इस बार भाजपा ने यहां से रेणुका सिंह और कांग्रेस ने सूरजपुर के विधायक खेल साय को टिकट दी है।यह सीट आदिवासियों के लिए आरक्षित है।

रायगढ़- वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस का मार्जिन 58हजार 876 वोटों का था। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के विष्णु देव साय ने रिकॉर्ड 2 लाख 16 हजार 750 मतों के अंतर से यह चुनाव जीता था।इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा यहां की विधानसभा सीटों से 2 लाख27 हजार 958 मतों से कांग्रेस से पीछे है। इस बार दोनों ही पार्टियों ने यहां से नए चेहरे उतारे हैं। भाजपा ने जहां गोमती साय को टिकट दिया है वहीं कांग्रेस ने लालजीत सिंह को मैदान में उतारा है।

बिलासपुर- बिलासपुर में भी कमोबेश यही स्थिति रही।वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 40 हजार203 वोटों की मार्जिन पर थी। लोकसभा चुनाव में भाजपा के लखनलाल साहू यहां से मोदी लहर में 1लाख 76 हजार 436 वोटों के अंतर से जीते। इस बार के विधानसभा चुनाव में यहां के विधानसभा क्षेत्रों से 14 हजार 212 मतों से आगे रही है।भाजपा ने बिलासपुर लोकसभा सीट से जमीनी कार्यकर्ता अरुण साव को टिकट दिया है,जबकि कांग्रेस ने यहां से मुख्यमंत्री के खास सिपहसालार अटल श्रीवास्तव को टिकट दी है। भाजपा का दावा है कि यहां पर वह भारी पड़ने वाली है।

रायपुर-वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 20 हजार 192मतों के अंतर पर थी। लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा के वरिष्ठ सांसद रमेश बैस 1लाख 71 हजार 646 मतों के अंतर से जीते। इस अंतर को हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नहीं पाट पाई है। रायपुर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 1 लाख 6हजार954 वोटों के अंतर से आगे रही है। पर भाजपा ने इस बार रमेश की टिकट काटकर यहां से सुनील सोनी को खड़ा किया है। कांग्रेस ने भी टिकट परिवर्तन करते हुए यहां से अपने महापौर प्रमोद दुबे को टिकट दी है।
राजनांदगांव- यहां से इस बार भाजपा के संतोष पांडे और कांग्रेस के भोलाराम साहू के बीच टक्कर है। पिछले लोकसभा चुनाव में रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह2 लाख 35 हजार 911 मतों से जीते थे। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 13 हजार 538 मतों के अंतर पर थी। पर इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस रिकॉर्ड 1लाख98 हजार816 मतों से जीती है।

महासमुंद-यहां से इस बार भाजपा के चुन्नीलाल साहू और कांग्रेस के विधायक धनेंद्र साहू के बीच कड़ी टक्कर है। 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 10500 वोटों के मार्जिन पर थी।लोकसभा चुनाव में भाजपा के चंदूलाल साहू ने मात्र1217 वोट से कांग्रेस को हराया था।इस बार कांग्रेस ने यहां के विधानसभा सीटों से विधानसभा चुनाव में कुल 2 लाख 7 हजार9 सौ72 मतों की लीड ली है।

बस्तर- यहां इस बार एक विधानसभा सीट को छोड़ कर सभी सीटों पर भाजपा बुरी तरह से पराजित रही है।इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने1 लाख 11 हजार 417 मतों से लीड ली है।जबकि वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 48 हजार405 मतों के मार्जिन पर थी । पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के दिनेश कश्यप 1लाख24 हजार 359 मतों से विजयी हुए थे। इस बार यहां भाजपा के बैदु राम और कांग्रेस के दीपक बैज के बीच मुकाबला है।

जांजगीर-चांपा -यहां इस बार भाजपा के गुहा राम अजगले और कांग्रेस के रवि भारद्वाज के बीच मुकाबला है।यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का मार्जिन अंतर31 हजार904 मतों का था।लोकसभा चुनाव में भाजपा की कमला पाटले मोदी लहर में रिकॉर्ड एक लॉख14 हजार 961 वोटों से जीती थी। इस बार कांग्रेस हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में यहां से 92 हजार 729 मतों से आगे रही है।

कांकेर- यहाँँ भाजपा के मोहन मंडावी और कांग्रेस के वीरेश ठाकुर के बीच लोकसभा चुनाव में टक्कर होना है। भाजपा इस सीट पर अपने आप को मजबूत मान कर चल रही है।वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 99 हजार 658 मतों की मार्जिन पर थी। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के विक्रम उसेंडी ने1लाख 24 हजार 359 मतों से कांग्रेस को हराया था। इस बार विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस 2 लाख 38हजार304 मतों से जीती है।

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